मुजफ्फरपुर: इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) के तहत संचालित डायल 112 सेवा में मुजफ्फरपुर ने जून महीने के प्रदर्शन में पूरे बिहार में पहला स्थान हासिल किया है। पुलिस मुख्यालय की समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार जिले की डायल 112 टीम शिकायत मिलने के बाद औसतन 10 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंची, जो राज्य में सबसे बेहतर प्रतिक्रिया समय (Response Time) रहा। यह रैंकिंग आपातकालीन कॉल मिलने के बाद पुलिस वाहन के मौके पर पहुंचने के समय के आधार पर तैयार की गई है।
डायल 112 सेवा पुलिस, सड़क दुर्घटना, महिलाओं की सुरक्षा, झगड़े, चोरी, मारपीट और अन्य आपात स्थितियों में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित की जाती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रतिक्रिया समय में सुधार का सीधा लाभ आम लोगों को मिल रहा है, क्योंकि आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
शिकायत के 10 मिनट के भीतर पहुंच रही पुलिस
पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के अनुसार जून महीने में मुजफ्फरपुर की डायल 112 टीम का औसत रिस्पॉन्स टाइम लगभग 10 मिनट दर्ज किया गया। इस प्रदर्शन के आधार पर जिले को राज्य में पहला स्थान मिला। इससे पहले भी पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को निर्देश दिया था कि सूचना मिलने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर घटनास्थल पर पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तेज प्रतिक्रिया से सड़क दुर्घटनाओं, महिलाओं से जुड़े मामलों, चोरी, मारपीट और अन्य आपात घटनाओं में समय पर हस्तक्षेप संभव हो रहा है। कई मामलों में शुरुआती कार्रवाई से स्थिति को गंभीर होने से पहले नियंत्रित करने में मदद मिली है।
बेहतर गश्ती और तकनीकी निगरानी का असर
पुलिस के अनुसार डायल 112 वाहनों की तैनाती शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की गई है कि सूचना मिलते ही सबसे नजदीकी इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन (ERV) को मौके के लिए रवाना किया जा सके। वाहनों की GPS आधारित ट्रैकिंग, कंट्रोल रूम की निगरानी और स्थानीय पुलिस थानों के साथ समन्वय ने प्रतिक्रिया समय कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
हाल ही में एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र के निर्देश पर डायल 112 के वाहनों और उपकरणों का निरीक्षण भी किया गया था। इस दौरान प्रतिक्रिया समय, वाहनों की उपलब्धता और आवश्यक संसाधनों की जांच की गई थी ताकि सेवा को और प्रभावी बनाया जा सके।
किन मामलों में मिलती है डायल 112 की सहायता?
डायल 112 एक एकीकृत आपातकालीन सेवा है, जिसके माध्यम से नागरिक विभिन्न प्रकार की आपात स्थितियों में तत्काल सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
- सड़क दुर्घटनाएं
- महिलाओं से जुड़े अपराध
- चोरी, लूट और मारपीट
- घरेलू हिंसा
- सार्वजनिक विवाद
- आगजनी या अन्य आपात स्थितियां
जैसे मामलों में पुलिस की त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाती है। ERSS प्रणाली कॉल के साथ वाहन की लोकेशन को भी डिजिटल रूप से ट्रैक करती है, जिससे निकटतम टीम को तुरंत भेजा जा सकता है।
अधिकारियों ने टीम की सराहना की
इस उपलब्धि पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्र, सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी और ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने डायल 112 में तैनात अधिकारियों और जवानों की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि यह प्रदर्शन बेहतर समन्वय, नियमित निगरानी और टीमवर्क का परिणाम है। उन्होंने प्रतिक्रिया समय को आगे भी इसी स्तर पर बनाए रखने पर जोर दिया।
बिहार में डायल 112 का नेटवर्क
डायल 112 बिहार पुलिस की एकीकृत आपातकालीन सेवा है, जिसकी शुरुआत राज्य में वर्ष 2022 में की गई थी। यह सेवा 24 घंटे संचालित होती है और पुलिस मुख्यालय के अनुसार राज्यभर में बड़ी संख्या में इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों के माध्यम से नागरिकों को सहायता उपलब्ध कराई जाती है। हाल के वर्षों में इस प्रणाली के जरिए लाखों नागरिकों को विभिन्न आपात स्थितियों में मदद पहुंचाई गई है तथा प्रतिक्रिया समय को लगातार बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है।
क्या है रिस्पॉन्स टाइम?
रिस्पॉन्स टाइम का अर्थ है—आपातकालीन कॉल दर्ज होने से लेकर डायल 112 की टीम के घटनास्थल तक पहुंचने में लगा कुल समय। पुलिस मुख्यालय समय-समय पर इसी आधार पर जिलों के प्रदर्शन की समीक्षा करता है। अधिकारियों का मानना है कि कम प्रतिक्रिया समय से आपात स्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना अधिक प्रभावी होता है।

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