सावन में श्रद्धालुओं को राहत: मुजफ्फरपुर से देवघर-बासुकीनाथ के लिए सरकारी बस सेवा शुरू

मुजफ्फरपुर: सावन के महीने में बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने नई सरकारी बस सेवा शुरू कर दी है। शुक्रवार से शुरू हुई यह बस सेवा उत्तर बिहार के यात्रियों को सीधे देवघर और बासुकीनाथ तक पहुंचने का विकल्प देगी। निगम ने बस की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई है, जिससे यात्री घर बैठे अपनी सीट आरक्षित कर सकेंगे।

श्रावणी मेले के दौरान देवघर और बासुकीनाथ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे समय में रेलवे और निजी बसों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए निगम ने इस विशेष सेवा की शुरुआत की है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में नई बसों के शामिल होने से यात्रियों को और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

इमलीचट्टी बस स्टैंड से होगी बस की शुरुआत

नई बस सेवा का संचालन मुजफ्फरपुर के इमलीचट्टी सरकारी बस स्टैंड से किया जाएगा। यह बस प्रतिदिन शाम 7:00 बजे मुजफ्फरपुर से रवाना होकर समस्तीपुर, बरौनी, सुल्तानगंज और देवघर होते हुए बासुकीनाथ पहुंचेगी।

यह रूट उत्तर बिहार के कई प्रमुख शहरों और धार्मिक स्थलों को जोड़ता है। विशेष रूप से सुल्तानगंज और देवघर के रास्ते चलने से श्रद्धालुओं को एक ही यात्रा में सुविधाजनक कनेक्टिविटी मिलेगी।

कितना होगा किराया?

बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने मुजफ्फरपुर से बासुकीनाथ तक का किराया 463 रुपये निर्धारित किया है। निगम का कहना है कि सरकारी बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को सुरक्षित, नियमित और किफायती यात्रा का विकल्प मिलेगा।

यात्री बस स्टैंड के आरक्षण काउंटर के अलावा ऑनलाइन माध्यम से भी टिकट बुक कर सकते हैं। इससे विशेषकर सावन के दौरान लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है।

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मुजफ्फरपुर से रांची के लिए भी नई सुविधा

देवघर-बासुकीनाथ सेवा के साथ ही निगम ने मुजफ्फरपुर से रांची के लिए भी नई बस सेवा शुरू की है। यह बस प्रतिदिन शाम 6:40 बजे इमलीचट्टी बस स्टैंड से रवाना होगी। इस रूट का किराया 599 रुपये तय किया गया है।

निगम का मानना है कि रांची रूट पर भी नियमित यात्रियों और नौकरी-पेशा लोगों को इस सेवा का लाभ मिलेगा।

मुजफ्फरपुर डिपो को मिली 11 नई बसें

बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने हाल ही में मुजफ्फरपुर डिपो को 11 नई नॉन-एसी बसें आवंटित की हैं। इन बसों का संचालन दिल्ली, कोलकाता, सिलीगुड़ी, पूर्णिया और पटना जैसे लंबी दूरी के मार्गों पर किए जाने की योजना है।

निगम अधिकारियों के अनुसार इससे पुराने बेड़े पर निर्भरता कम होगी और विभिन्न रूटों पर बसों की उपलब्धता बढ़ेगी।

जल्द मिलेंगी AC और इलेक्ट्रिक बसें

निगम ने संकेत दिया है कि अगले एक सप्ताह के भीतर मुजफ्फरपुर डिपो को 11 नई एसी बसें भी मिलने की संभावना है। इसके अलावा लगभग 25 नई इलेक्ट्रिक बसें भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने के बाद सार्वजनिक परिवहन को अधिक आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है।

इन जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

प्रस्तावित इलेक्ट्रिक बसों का संचालन उत्तर बिहार के कई महत्वपूर्ण मार्गों पर किया जाएगा। इनमें हाजीपुर, पटना, शिवहर, सीतामढ़ी और मोतिहारी प्रमुख हैं।

निगम का उद्देश्य मुजफ्फरपुर को क्षेत्रीय परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करते हुए आसपास के जिलों के बीच बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है। नई बसों के संचालन से दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और धार्मिक यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे।

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सावन में बढ़ती है श्रद्धालुओं की संख्या

सावन के दौरान झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के प्रमुख शिवधामों में शामिल रहता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल देवघर पहुंचते हैं और जलाभिषेक करने के बाद बासुकीनाथ में भी पूजा-अर्चना करते हैं। इसी वजह से इस अवधि में सड़क और रेल दोनों मार्गों पर यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रहती है।

ऐसे समय में मुजफ्फरपुर से शुरू की गई यह सीधी सरकारी बस सेवा उत्तर बिहार के श्रद्धालुओं के लिए एक अतिरिक्त सार्वजनिक परिवहन विकल्प उपलब्ध कराएगी।


मुख्य बातें

  • मुजफ्फरपुर से देवघर-बासुकीनाथ के लिए BSRTC की नई बस सेवा शुरू।
  • बस प्रतिदिन शाम 7:00 बजे इमलीचट्टी बस स्टैंड से रवाना होगी।
  • रूट: मुजफ्फरपुर – समस्तीपुर – बरौनी – सुल्तानगंज – देवघर – बासुकीनाथ
  • बासुकीनाथ तक का किराया ₹463 निर्धारित।
  • ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध।
  • मुजफ्फरपुर से रांची के लिए भी शाम 6:40 बजे नई बस सेवा शुरू, किराया ₹599
  • डिपो को 11 नई नॉन-एसी बसें मिलीं, जल्द 11 एसी और लगभग 25 इलेक्ट्रिक बसें भी मिलने की संभावना।
  • इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हाजीपुर, पटना, शिवहर, सीतामढ़ी और मोतिहारी रूट पर प्रस्तावित।